Shiv Tripurari Bhole Bhandari
शिव त्रिपुरारी भोले भंडारी,
तुम कैलाशी हो, घट घट वासी हो॥
देवो के महादेव कहाते,
दुखियों के साथी हो, घट घट वासी हो,
शिव त्रिपुरारी भोले भंडारी,
तुम कैलाशी हो, घट घट वासी हो॥
तीनो लोको में डंका बाजे,
भोले तुम अविनाशी हो, घट घट वासी हो,
शिव त्रिपुरारी भोले भंडारी,
तुम कैलाशी हो, घट घट वासी हो॥
शिव वरदानी औघड दानी,
बसते काशी हो, घट घट वासी हो,
शिव त्रिपुरारी भोले भंडारी,
तुम कैलाशी हो, घट घट वासी हो॥
शिव के नाम का सुमिरन प्यारा,
दूर उदासी हो, घट घट वासी हो,
शिव त्रिपुरारी भोले भंडारी,
तुम कैलाशी हो, घट घट वासी हो॥

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile