Shiv To Thahare Sanyasi Gaura Pachhtaogi
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी,
भोला योगी संग कैसे अरे जिंदगी बिताओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी……
ऊँचे ऊँचे पर्वत पर शिव जी का डेरा है,
नंदी कि सवारी गौरा कैसे कर पाओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी….
आगे ना कोई पीछे गौरा तेरे दुल्हे के,
दिलवाला हाल गौरा अरे किसको सुनाओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी….
महलो में पली गौरा राम दुलारी बनकर,
शिव जी को भंग घोटकर कैसे पिलाओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी……..
गौरी बोली सखियों से आरी तुम क्या जानो री,
जैसा वर पाया मैंने वैसा तुम क्या पाओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी……
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी,
भोला योगी संग कैसे अरे जिंदगी बिताओगी,
शिव तो ठहरे सन्यासी गौरां पछताओगी….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile