Shiv Sumiran Se Subah Shuru Ho Bhajan Lyrics
शिव सुमिरन से सुबह शुरू हो,
शिव मंदिर में शाम हो,
शिव करुणा की छैया में,
शाम ढले विश्राम हो।।
साँसों की में ताल पे मेरी,
भक्ति शिव शिव गाये,
शिव दीवानी रसना को कोई,
दूजा गीत ना भाए,
जबतक जीवन ज्योत जले,
मेरे होठो पे शिव नाम हो,
शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,
शिव मंदिर में शाम हो।।
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
बोल के पलके खोलूं,
शिव सागर में स्नान करूँ में,
हृदय का दर्पण धोलू,
मोह माया से दूर रहू में,
श्रद्धा मेरी निष्काम हो,
शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,
शिव मंदिर में शाम हो।।
काल का भय ना हो मन में मेरा,
अंत समय जब आये,
शिव मूरत हो नैनो में शिव,
धाम ये आता जाये,
जहाँ मेरे शिव का डेरा है,
वही पे मेरा धाम हो,
शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,
शिव मंदिर में शाम हो।।
शिव सुमिरन से सुबह शुरू हो,
शिव मंदिर में शाम हो,
शिव करुणा की छैया में,
शाम ढले विश्राम हो।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile