Shiv Shankar Bhajale Manva
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर,
यह जीवन, एक बंधन है, मोह ना कर,
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर,
यह जीवन, एक बंधन है, मोह ना कर,
एक दिन उड़ जायेगा, जीव यह पिंजरा तोड़ कर,
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर।
शीश पे गंगा बिराजे, भाल सोहे चंद्रमा,
तीन नेत्र विशाल बाहु, बाएं बैठी माँ उमा,
बैठे प्रभु कैलाश पर, ध्यान में आठों पहर, सृष्टि पर डाले नज़र,
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर।
लोक तिहु चौदा भुवन, चर अचर सृष्टि सृजन,
आपकी माया है प्रभु, चंद्र सूर्य धरा गगन,
शम्भू ही ओमकार है, शम्भू ही साकार है, शम्भू ही आधार है,
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर,
यह जीवन, एक बंधन है, मोह ना कर
एक दिन तो उड़ जायेगा, जीव यह पिंजरा तोड़ कर,
शिव शंकर भज ले मनवा, शिव शंकर……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile