Shiv Satya Rupam Shiv Sakar Hai
शिव सत्य रूपं शिव साकार है,
बरम सव्र्रुपम शिव निरा कार है
शिव के दर्शन पायो भोला मेरे मन भायो
शिव है तुझमे शिव है मुझ में हर घर आँगन में
इस धरती से उस अम्बर तक श्रृष्टि के कण कण में
अधि से अंत तक शिव ही शिव है
शून्य से अनंत तक शिव ही शिव है
शिव के दर्शन पायो भोला मेरे मन भायो
भोले भंडारी की छवि न्यारी बसी है जन जन में
सर्प लपेटे भस्म लगाये शिव अपने तन में
सब देवो में सव से अलग है अपनी धुन में मस्त मलंग है
शिव के दर्शन पायो भोला मेरे मन भायो

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile