Shiv Nath Teri Mahima Jab Tin Lok Gaye
शिवनाथ तेरी महिमा आ आ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये,
नाचे धरा गगन तो आ आ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये…..
तू देव सबसे न्यारा,
तुझको नमन हमारा,
लाये है तेरे द्वारे,
दर्शन की कामनाये,
शिव नाथ तेरी महिमा,
शिवनाथ तेरी महिमा,
पंछी पवन सुनाएँ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये…..
मस्तक पे चन्द्र आधा,
है रूप तेरा साधा,
आयी है गंग धारा,
लेकर तेरी जताएं
शिव नाथ तेरी महिमा
शिव नाथ तेरी महिमा,
तारें गगन के गाये,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये…..
है प्रेम की सुधा भी,
है रूपचंद्रिका भी,
हो नील कंठ वाले,
कैसे तुझे रिझाये,
शिवनाथ तेरी महिमा,
तारें गगन के गाये,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये……
शिव नाथ तेरी महिमा आ आ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये,
नाचे धरा गगन तो आ आ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile