Shiv Ki Kripa se
शिव की कृपा से प्राणी भव तर जाता है
शिव जी को एक लोटा जल जो चढ़ाता है
बिन मांगे वो बाबा आपसे पाता है
जहां भी हो दरबार मेरे,भी मन को लुभाता है,
सावन में कांवर ले जो कोई आता है
बिन मांगे वो बाबा आपसे पाता है
जहां भी हो दरबार………………….
कुंती के पूजित बाबा कुंतेश्वर,
भूवनों की रक्षा के प्यारे भुवनेश्वर
आकर यहां जो जल है चढ़ाता,
मन की मुरादे वह तुमसे पाता,
देवों का आपसे भी महादेव सा नाता है,
जहां भी हो दरबार……………………
महादेवा लोधेश्वर अद्भुत नजारा,
रामेश्वरम श्री राम का प्यारा ,
पूजे है जिसको सारा जमाना,
रोते हुए मनका खिलखिलाना ,
दर्शन बिन ना उसको कुछ भी भाता है
जहां भी हो दरबार……………………
काशी के बाबा विश्वेश्वर प्यारे,
नागेश्वर बागेश्वर नाम तुम्हारे,
केदारनाथ में धाम तुम्हारा,
टिकैतनगर शिव मंडल हमारा,
इसीलिए तो सचिन दर पर आता है
जहां भी हो दरबार……………………..
शिव जी को एक लोटा जल जो चलाता है
बिन मांगे वह बाबा आपसे पाता है
सावन में कांवर ले लो कोई आता है
जहाँ भी हो दरबार मेरे भी मन………..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile