शिव भोले तुम्हारे चरणों में ये शीश मेरा स्वीकार करो लिरिक्स

Shiv Bhole Tumhare Charano Me Ye Shish Mera Swikar Karo Lyrics

शिव भोले तुम्हारे चरणों में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो,
हे शिव जी तुम्हे ये अर्पित है,
तुम शरणागत उद्धार करो,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

जो शिव शंकर का ध्यान करे,
जीवन उसका उद्धार करे,
ये जग जिसका भी भजन करे,
ये जग जिसका भी भजन करे,
मेरा शीश उसी को नमन करे,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

सारी दुनिया के तुम दाता,
और स्वर्ग नरक के तुम ज्ञाता,
तुम गलती मेरी माफ़ करो,
तुम गलती मेरी माफ़ करो,
तुम शाम सुबह मुझे याद रहो,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

इस जग के हो विश्वास तुम्ही,
और तुम बिन किसी का पार नहीं,
तुम शक्ति ऐसी अपार दो,
तुम शक्ति ऐसी अपार दो,
जिसका ना जग में जवाब हो,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

शिव तो कैलाश के वासी है,
और दुनिया तुम्हारी दासी है,
तुम शरण में सबको बुलाकर के,
तुम शरण में सबको बुलाकर के,
दुःख संकट सारे मिटाते हो,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

ओम्कारेश्वर में विराजे हो,
भक्तों को शरण बुलाते हो,
सब धाम तुम्हारे आकर के,
सब धाम तुम्हारे आकर के,
जयकारे तुम्हारे लगाते है,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

शिव भोले तुम्हारे चरणों में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो,
हे शिव जी तुम्हे ये अर्पित है,
तुम शरणागत उद्धार करो,
शिव भोले तुम्हारे चरणो में,
ये शीश मेरा स्वीकार करो।।

“शिव भोले तुम्हारे चरणों में ये शीश मेरा स्वीकार करो” हमें याद कराता है कि वास्तविक मुक्ति वहीं संभव है जहाँ सिर झुकाना आनंद बन जाए; जो भी भक्त इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नित्य करे, वह शिव-कृपा की अविरल धारा का पान करता है। यदि यह समर्पण-रस आपको भिगो दे, तो “तुम अगर द्वार भोले के आते रहो”, “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “भोले तेरी बंजारन” तथा “श्री महाकाल ऐसा वरदान दो” जैसे अन्य शिव भजनों को भी अवश्य पढ़ें या करें—ये सभी रचनाएँ आपकी शिव-भक्ति को और गहराई, विस्तार और सजीवता प्रदान करेंगी।









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