Shiv Bhole Bhandari
सुबह सुबह जो नाम जपेगा शिव भोले भंडारी का,
माँ गौरा पल में हरण करेगी मन की चिंता सारी का……
औघड़ दानी नाम पड़ा है सबके दाता भोले का,
जोड़ कै नाता दास बनेगा जो भी विधाता भोले का,
अमृत वर्षा कर देता है प्यार मेरे गंगधारी का…..
ब्रह्मा विष्णु से भी पहले शिव जी बिगड़ी बनाते है,
उनकी बिगड़ी बनती है जो सच्ची प्रीत लगाते है,
सुखद संदेशा आ जाता है नंदी बैल सवारी का…..
कमल सिंह जल सुमिरन कर लो देर कही ना हो जाए,
बंदा वही काम का है जो शिव भक्ति में खो जाए,
ज्यादा मोह ना अच्छा होता झूठी दुनियादारी का…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile