Shankar Ka Damaru Baje Re Dukho Ka Saya Bhage Re
( ॐ नमः शिवाए xllll )
शँकर का डमरू बाजे रे,,, ll, दुखों का साया भागे रे ll
( ॐ नमः शिवाए xllll )
दुखों का साया, भागे रे, भागे रे, भागे रे,
शँकर/भोले/शँकर का डमरू lll बाजे रे,
दुखों का साया भागे रे ll
इक्क हथ विच त्रिशूल है सजदा, “इक्क हथ दे विच माला” l
बरफ़ां दे विच बैठा शँकर, “करके रूप निराला” ll
^जटा में गंगा साजे रे ll, भक्तों को प्यारी लागे रे l
( ॐ नमः शिवाए xllll )
भक्तों को प्यारी, लागे रे, लागे रे, लागे रे,
शँकर/भोले/शँकर का डमरू lll बाजे रे,
दुखों का साया भागे रे ll
जब शिव शँकर नृत्य है करदा, “डम डम डमरू वजदा” l
धरती ते आकाश झूमदा, “बदल गढ़ गढ़ गज़दा” ll
^नंदी है आगे आगे रे ll, समय सुहाना लागे रे l
( ॐ नमः शिवाए xllll )
नंदी है आगे, आगे रे, आगे रे, आगे रे,
शँकर/भोले/शँकर का डमरू lll बाजे रे,
दुखों का साया भागे रे ll
अपने भक्तों को शँकर ने, “ऐसे वर दे डाले” l
चाहे हो सोने की लँका, “याँ हो दाम निराले” ll
^बैठा है सब कुछ त्यागे रे ll, कैलाश प्यारा लागे रे l
( ॐ नमः शिवाए xllll )
कैलाश प्यारा, लागे रे, लागे रे, लागे रे,
शँकर/भोले/शँकर का डमरू lll बाजे रे,
दुखों का साया भागे रे ll
( ॐ नमः शिवाए xllll )
*दुखों का साया, भागे रे, भागे रे, भागे रे,
शँकर/भोले/शँकर का डमरू lll बाजे रे,
दुखों का साया भागे रे ll

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile