शंकर है मतवाले | Shankar Hai Matwale

भगवान शंकर का अनोखा अंदाज ही उन्हें सबसे निराला बनाता है। “शंकर हैं मतवाले” भजन शिवजी के उसी अनोखे स्वभाव को दर्शाता है, जहां वे औघड़दानी, सरल, दयालु और प्रेममय तो हैं ही, साथ ही अपने तांडव और भस्म रमाने के कारण अद्भुत भी हैं। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं भोलेनाथ अपनी मस्ती में मग्न होकर हमें अपनी भक्ति के रंग में रंगने बुला रहे हों।

Shankar Hai Matwale

नंदी पे असवार शंभू,
शंकर है मतवाले,
भूतो के है संग में रहते,
गले में नाग काले,
भस्म रमियाँ भोले के है,
सारे खेल निराले,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।1।

त्रिलोकी के स्वामी शंकर,
सबसे बड़े महान,
जिनसे चलती सृष्टि सारी,
अदभुद जिनका ज्ञान,
धूनी रमाते भस्म रमाते,
कर देते कल्याण,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।2।

ब्रह्मा विष्णु पूजे जिनको,
ऐसे है दरवेश,
बाघम्बर पहने शिव भोले,
अलग है जिनका वेश,
त्रिनेत्र शिव भोले के है,
अदबुध जिनका भेष,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।3।

नीलकंठ त्रिपुरारी शंकर,
तुम हो मणि महेश,
विपदा सबकी दूर है करते,
देवो के महादेव,
‘शिवम’ भी तेरे गुण है गाए,
काटो सभी कलेश,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।4।

नंदी पे असवार शंभू,
शंकर है मतवाले,
भूतो के है संग में रहते,
गले में नाग काले,
भस्म रमियाँ भोले के है,
सारे खेल निराले,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।5।

शंकर जी की मतवाली भक्ति में जो एक बार रम जाता है, वह संसार के हर बंधन से मुक्त होकर शिवमय हो जाता है। “शंकर हैं मतवाले” भजन की तरह “डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का”, “भोले तेरी सूरत निराली”, “हर हर महादेव बम बम बोले”, और “शिव शंभू जय शंकर” जैसे भजन भी हमें शिवजी की मस्ती, उनकी भक्ति और उनकी कृपा का अनुभव कराते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव के अनोखे स्वरूप में डूब जाएं। ????????

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