Sevak Laye Hain Bhangiya
सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के,
सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के ॥
बड़े जतन से हौले हौले, भाँग तेरी घुटवाई,
भाँग तेरी घुटवाई, केसर पिस्ता ख़ूब मिलाया,
छान लेइ ठंडाई, छान लेइ ठंडाई,
हमरी भी रख ले बतियाँ, सेवक तू जान के,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के…….
गौरा मैया के हाथोँ से, भाँग सदा तू खाएँ,
भाँग सदा तू खाए, तेरे सेवक बड़े प्रेम से,
भांग घोट के लाए, भांग घोट के लाएं,
सावन की बूंदें थिरके, रिम झिम की ताल पे,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के…….
और देव होते तो लाते, भर भर थाल मिठाईं,
भर भर थाल मिठाई, लेकिन भोले बाबा तुझको,
भांग सदा ही भायी, भांग सदा ही भायी,
हर्ष दया का भोले, हमको भी दान दे,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के,
सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,
भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile