संपूर्ण सृष्टि के कण-कण में शिव का वास है, और उनकी महिमा अपरंपार है। सारे जग में विराजे रे मेरे शिव भोले भजन इसी अद्वितीय सत्य को प्रकट करता है। यह भजन हमें शिव की सर्वव्यापकता और उनकी कृपा की महिमा से जोड़ता है, जिससे भक्तों का हृदय भक्ति और श्रद्धा से भर उठता है। आइए, इस पावन भजन के माध्यम से शिव शंकर की महिमा का गुणगान करें।
Sare Jag Mein Viraje Re Mere Shiv Bhole
सारे जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
सोमनाथ सौराष्ट्र बसे है,
श्री शैलजी मन को जचे है।
मल्लिकार्जुन कहाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
ओमकार है ओम्कारेश्वर,
उज्जैनी में महाकालेश्वर।
बड़ी दया बरसाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
दर्शन करते सब नारी नर,
नाथ केदारा वाला ऊपर।
नित सुख पहुंचाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
गोहाटी में रहे भीमेश्वर,
काशी में विश्वनाथ विश्वेश्वर।
कैसी लीला दिखाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
नदी गोदावरी के जो तट पर,
नाम है जिनका त्रयंभकेश्वर।
मेरे मन को भाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
चिता की भूमि में प्रकटे जो,
वैद्यनाथ कहलाते है वो।
दुःख रोग मिटाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
दारुक वन में है नागेश्वर,
सेतुबंध में श्री रामेश्वर।
विश्वेश्वर सुहाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
रावण पूजे राम जी पूजे,
उन्हें ‘निरंजन’ श्याम भी पूजे।
‘लक्खा’ बिगड़ी बनाते रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
सारे जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।
ज्योतिर्लिंग बनके साजे रे,
मेरे शिव भोले।
सारें जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले।।
महादेव संपूर्ण ब्रह्मांड में व्याप्त हैं और उनके बिना कुछ भी संभव नहीं। उनकी भक्ति करने से जीवन का हर संकट दूर हो जाता है। शिव कृपा प्राप्त करने और उनकी असीम महिमा को समझने के लिए जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा, भोले शंकर हम भक्तों से करते कितना प्यार, ओ भोले हम तो लुट गए तेरे प्यार में, और भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के भजनों को भी अवश्य करें और भोलेनाथ के चरणों में अपने मन को अर्पित करें। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile