Paunda Gal Sarpa Di Mala Lada Gora Da
सखियों देखो बड़ा निराला लाडा गोरा दा
पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा
घोड़ी भी न मिली है इस नु चढ़ के बेल ते आया है
बंदे भी न मिले बाराती भुत चुदैला लाया है
लगदा बड़ा ही भोला भाला लाडा गोरा दा
पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा
तन से भस्म रमाई उस ने हथ तिरशूल सजाया है
ना पगड़ी न सेहरा उसने जोड़ा भी न सवाया है
आया पाके मिरग शाळा लाडा गोरा दा
पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा
रोटी खो खो खान बराती सब्र भी जांदा करिया नही
राशन सारा चपत है किता तिद एहना दा भरेया नही
उतो मंगदा भंग प्याला लाडा गोरा दा
पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा
अजब ग्जब है शादी सागर किसने मिलाई राशि है
राजे दे ही भेटी गोरा ओ पर्वत दा वासी ऐ
हूँ ता रब ही है रखवाला लाडा गोरा दा
पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile