दूल्हा बने त्रिपुरारी जू शिव भोला भंडारी जू लिरिक्स
शिव जी का यह अनूठा विवाह संसार को यह सिखाता है कि सच्चा प्रेम भौतिक वस्तुओं से परे, आत्मा का मिलन होता है। भजन दूल्हा बने त्रिपुरारी जू, शिव भोला भंडारी जू इसी पावन प्रसंग का वर्णन करता है, जहां त्रिपुरारी शिव दूल्हा बनकर कैलाश से बारात लेकर माता पार्वती के द्वार पर पधारते हैं। … Read more