कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ भजन लिरिक्स
Kailash Ke Nivasi Namo Bar Bar Hoon Bhajan Lyrics दोहा- एक बिलपत्रम एक पुष्पम,एक लोटा जल की धार,दयालु रीझ के देते है,चंद्रमोली फल चार। व्याघाम्बरं भस्माङ्गरं,जटा जुट लिबास,आसन जमाये बैठे है,कृपा सिंधु कैलाश। शिव समान दाता नहीं,विपत विदारण हार,लजिया मोरी राखियो,शिव नंदी के असवार। कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,आयो शरण तिहारी भोले तार … Read more