O Shiv Bhole Mere
ओ शिव भोले मेरे, मेरा मन डोले, जागो समाधी गोरा बोले…..
बैठे ओ बाबा मेरे, अखियाँ मुंध के
केह केह के हारी गोरा बोले ना सुन के,
सुनलो बिनंती मेरी, चरणों में बोल के,
जागो समाधी…..
शीश पे गंगे गले पे भुजंगे, डम डम डमरू बोले,
भूत प्रेत संगे औघड़ दानी मेरे लगे भस्म अंगे,
जागो समाधी…..
गोठी बाबा भांग तिहारे पीवे नित भंगे,
भूत नाचे प्रेत नाचे गण नित संगे,
ओ मेरे दयालु भोले सुन मेरे शंकरे,
जागो समाधी…..
जन्म जन्म तेरी दासी बनु मैं,
हर पल तेरे चरण पड़ु मैं,
धरम कहे समाधी खोले शिव बोले,
जागो समाधी…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile