Neelkanth Pe Gayi Thi Baba Ka Rang Chad Gaya
नीलकंठ पे गई थी बाबा का रंग चढ़ गया,
हरिद्वार मैं गई थी बाबा का रंग चढ़ गया,
सास न मैं ले गई है सुसरा भी संग चढ़ गया,
सास धोक मारै हे सुसरा तो मौधा पड़ गया,
पड़ गया पड़ गया पड़ गया हे हरिद्वार मैं रुक्का पड़ गया…..
जेठानी न मैं ले गई जेठा भी गैल्या चढ़ गया,
जेठानी धोक मारै हे जेठा तो मौधा पड़ गया,
पड़ गया पड़ गया पड़ गया हे हरिद्वार मैं रुक्का पड़ गया….
दोराणी न मैं ले गई है देवर भी गैल्या चढ़ गया,
जेठानी धोक मारै हे जेठा तो मौधा पड़ गया,
पड़ गया पड़ गया पड़ गया हे हरिद्वार मैं रुक्का पड़ गया…..
नंदी न पै ले गई हे नन्दोंईया गैल्या चढ़ गया,
नंदी धोक मारै हे नन्दोंईया तो मौधा पड़ गया,
पड़ गया पड़ गया पड़ गया हे हरिद्वार मैं रुक्का पड़ गया….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile