Natho Ke Nath Mahadev
हे त्रिलोकीनाथ महादेव शिव शंकर,
नाथों के नाथ महादेव शिव शंकर,
भीड़ में सुनसान में साक्षात् शम्भुनाथ,
ॐ की गुंजार में ओमकार शिव नाथ,
दृश्य या अदृश्य हर पुकार में हर हर,
शून्य शिखर सूक्षम वृहद् हर हर भोले नाथ………..
देवो के देव हे महादेव विश्वेश्वरा सर्वोपरि त्वमेव,
देवो के देव हे महादेव,
परमेश्वर हे शम्भू एक मेव……….
भक्ति ज्ञान ध्यान योग मनन जाप में,
कष्ट विपदा जटिल कुटिल तपन ताप में,
यक्ष दक्ष देव गन्धर्वो के राग में,
नहीं में भी हाँ हाँ शिव पर प्रताप में,
दसो दिशाओ नवो खंड आठ पहर हर हर हर……..
देवो के देव हे महादेव,
विहंगम जंगम हे शम्भू एकमेव,
विश्वेश्वरा सर्वोपरि तवमेव,
देवो के देव हे महादेव………
देवो के देव हे महादेव विश्वेश्वरा सर्वोपरि त्वमेव,
देवो के देव हे महादेव,
परमेश्वर हे शम्भू एक मेव………..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile