Nagar Dagar Bam Bam Bhola
नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला,
नाच रहे जमके देखो नंदी-भोला……..
गौरा ने भी जब रगड़ रगड़ भाँग बनाई,
भोलेनाथ ने फिर जमकर दो घूंट लगाई,
बेसुध ही पी गए अक्कउआ-धतूरा,
नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला….
भक्तो दीवानगी यहाँ कैसी छाई,
नंदी ने झुम ढोलक ताल बजाई,
महादेव संग नाची हैं प्यारी सी गौरा,
नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला….
हम भोले के है भक्त सबको भोले बोलते,
रंक राजा गोरा काला हम न तोलते,
मेरे मन को शिवाला बना विराजो रे भोला,
नगर-नगर, डगर-डगर, बम-बम भोला….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile