Nachenge Nachenge Sare Bhole Ki Baarat Me
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2
शुक्र सनीचर ब्रह्मा विष्णु आए साथ में
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2
दोहा : मैंने शंकर जी का बड़ा रूप निराला देखा
जटा में गंग , हाथ में भांग , का प्याला देखा
1 ) भोले का श्रृंगार सारे जग से निराला है
गले में नाग नर मुण्डों की भी माला है
नन्दी पे सवार शिव , त्रिशूल हाथ में
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2
2 ) भोले जी के गण सारे डमरू बजाएंगे
भूत और प्रेत मिलके नाचे और गाएंगे
देवता भी करे सभी , हसी हसी बात में
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2
3 ) ऐसा दूल्हा देख बंद शहर और बाजार हुये
थाली फेक के भागी मैना नैना जब चार हुये
गोरा को ना दूँगी , में ऐसे हालात में
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2
दोहा : खेल महादेव जी ने ऐसा फिर रचाया है
उदासी सभी दूर हुई दूल्हा सबको भाया है
4 ) शंकर जी ने अपना प्यारा रूप दिखाया है
मैना और हिमाचल को विश्वास फिर आया है
भूलन त्यागी बैठ गाये , संतों की जमात में
नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile