Mujhe To Ujjain Ke Mahakal Ka Deedar Chahiye
ना कोठी ना बंगला ना मुझे कार चाहिए,
मुझे तो उज्जैन के महाकाल का दीदार चाहिए।।
दुनिया के सब झूठे रिश्ते मेरे समझ ना आवे,
जब से देखा उज्जैन में महाकाल नजर ही आवे,
नंदी के असवार की दरकार चाहिए,
मुझे तो उज्जैन के महाकाल का दीदार चाहिए।।
हर सावन में उज्जैन नगरी कावड़ लेकर आऊं,
झूम झूम के महाकाल के भजनों में खो जाऊं,
महाकाल के भक्तों में मेरा नाम चाहिए,
मुझे तो उज्जैन के महाकाल का दीदार चाहिए।।
संजय अमन तो महाकाल से इतनी अर्ज लगावे,
दुनिया चाहे रूठे हमसे भोले तू अपनाले,
महाकाल के चरणों में स्थान चाहिए,
मुझे तो उज्जैन के महाकाल का दीदार चाहिए।।
ना कोठी ना बंगला ना मुझे कार चाहिए,
मुझे तो उज्जैन के महाकाल का दीदार चाहिए।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile