मेरे शिव शंकर महाकाल

भगवान शिव, जिन्हें महाकाल के रूप में जाना जाता है, संहार और सृजन के स्वामी हैं। मेरे शिव शंकर महाकाल भजन उनके अद्भुत रूप, अनंत कृपा और भक्तों पर बरसने वाले आशीर्वाद का गुणगान करता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वयं महाकाल हमें अपने संरक्षण में ले रहे हैं और हमारे जीवन के समस्त कष्टों का निवारण कर रहे हैं।

Mere Shiv Shankar Mahakal

शिव अविनाशी कैलाश वासी,
शंभू दिन दयाल,
नाश करे जो हर संकट का,
धर के रूप विकराल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिव शंकर महाकाल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिवशंकर महाकाल।1।

इनकी शरण में रहते मगन है,
भक्त है इनके निराले,
भक्तो को भोले दुष्टों को भाले,
शिव शंकर डमरू वाले,
पल में जो तारे किस्मत संवारे,
काटे जो दुखो का जाल,
करके कृपा जो भरते है झोली,
कर देते है मालामाल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिवशंकर महाकाल।2।

भंग तरंग में रहते मलंग है,
शिव शंकर त्रिपुरारी,
चरणों की धुली से पावन है होते,
आते जो बन के भिखारी,
अलबेले जोगी सन्यासी योगी,
बाबा मेरे बेमिसाल,
दर पे जो आए उसको कभी भी,
रहने ना देते मलाल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिवशंकर महाकाल।3।

शिव अविनाशी कैलाश वासी,
शंभू दिन दयाल,
नाश करे जो हर संकट का,
धर के रूप विकराल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिव शंकर महाकाल,
वो कालो के है काल,
मेरे शिवशंकर महाकाल।4।

महाकाल की भक्ति हमें निर्भय बनाती है और जीवन में शक्ति एवं सकारात्मकता का संचार करती है। “मेरे शिव शंकर महाकाल” भजन की तरह “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “चल उज्जैन चलते हैं”, “उज्जैन नगरीया बुला ले बाबा”, और “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता” जैसे भजन भी हमें महाकाल की असीम महिमा और कृपा का अनुभव कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और भोलेनाथ की भक्ति में लीन हों। ????????

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