Mere Mahakal
तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल…
दुनिया भी जाने तू हे कालों का काल
डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल
तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल……
दुनिया दीवानी है तेरी शान भी निराली है,
डरते नहीं भगत चाहे रात काली है -2
सारे नंदी साथ- साथ डमरू त्रिशूल एक हाथ,
सारे ही मस्ती में नाचे-नाचे महाकाल।
डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल
तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल……
जब तक सिर पर हाथ शंभू नाथ का,
डर किस बात का मैं बंदा महाकाल का -2
गले नीलकंठ है सिर पर त्रिपुंड है
तन पर बाघ अंबर और गले मुंड माल।
डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल
तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल……
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय,
तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile