Mere Bhole Tere Darshan Ke Liye
बड़ी दूर से चलकर आया हु,
मेरे भोले तेरे दर्शन के लिए,
एक फुल गुलाब का लाया हु,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए…..
ना रंग महल की अभिलाषा,
ना इच्छा सोने चांदी की,
तेरी दया की दौलत काफी है,
झोली मेरी भरने के लिए,
बड़ी दूर से चलकर आया हु,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
एक फुल गुलाब का लाया हु,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए….
ना हीरे मोली सोना है,
ना धन दौलत की थैली है,
दो आंसू बचाकर लाया हु,
पूजा तेरी करने के लिए,
बड़ी दूर से चलकर आया हु,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
एक फुल गुलाब का लाया हु,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए….
मेरे बाबा मेरी इच्छा ही नही,
अब यंहा से वापस जाने की,
चरणों में जगह दे दो थोड़ी,
मुझे जीवन भर रहने के लिए,
बड़ी दूर से चलकर आया हु,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
एक फुल गुलाब का लाया हु,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile