Mere Bhole Khatar Churma Bana De Ri
माँ तू मेरा कहण पुगादे री
माँ तू मेरा कहण पुगादे री
मेरे भोले खातर चूरमा बना दे री …-2
नीलकंठ पे जाके नै मैं जल चढ़ाऊंगा,
भोल के दर्शन करके मैं खुश हो जाऊंगा,
म्हारा दोनुआ का मेल तू करादे री -2
मेरे भोले खातर चूरमा बना दे री……
भोले के दर पे जाके मैं शीश झुकाऊंगा,
देशी घी के चूरमे का मैं भोग लगाऊंगा,
भोला बिगड़ी बात नै बणा दे री -2
मेरे भोले खातर चूरमा बना दे री…..
कहण तै पहले भोला मेरे काम बणावेगा,
माँ जाके नै हर साल मन्नू कावड़ लयावेगा,
इब चूरमे का थाल सजादे री -2
मेरे भोले खातर चूरमा बना दे री…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile