Mela Bhole Ka
डम डम, डम डम डमरु बाजे,
डम डम, बाजे डमरु xll-ll
हो मेला भोले का,,, जय हो ll, लगे नीलकंठ द्वार,
हो कावड़िया बोल रहे,,, जय हो ll, जैकार,
हो मेला भोले का,,, जय हो ll, लगे नीलकंठ द्वार,
हो कावड़िया बोल रहे,,, जय हो ll, जैकार,
हो मेला भोले का xll,,,,,
डम डम, डम डम डमरु बाजे,
डम डम, बाजे डमरु xll-ll
हो जग का मालिक, भोला बाबा, रहता मस्त मलंग है ll
शिव के नाम का, मुझको भी यह, चढ़ गया देखो रंग है l
हो सोए भाग, जगा के मेरे ll, करदे बेडा पार,
हो मेला भोले का,,, जय हो ll, लगे नीलकंठ द्वार,,,,,,,F
तन पे भबूती, सोहे माथे, पे सोहणा सा चंदा ll
जटा बीच, गंग बहती सोहनी, गल में नाग भुजंगा l
हो तेरा रूप, बड़ा सोहना लगता ll, हम हो गए बलिहार,
हो मेला भोले का,,, जय हो ll, लगे नीलकंठ द्वार,,,,,,,F
कमल पूरी को, शिव के नाम का, हो गया आज सरूर ll
अपनी दया का, मेरे सर पे, रख दो हाथ जरूर l
हो दर्शन दे दो, भक्तों को ll, यह कहता राम अवतार,
हो मेला भोले का,,, जय हो ll, लगे नीलकंठ द्वार,,,,,,,F

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile