Man Mera Gaye Om Namah Shivay
पूरब से जब सूरज निकले सिंदूरी घन छाए,
पवन के पग में नुपुर बाजे मयूर मन मेरा गाये ।
पूरब से जब सूरज निकले सिंदूरी घन छाए,
पवन के पग में नुपुर बाजे मयूर मन मेरा गाये,
मन मेरा गाये ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय।।
पुष्प की माला थाल सजाऊं
गंगाजल भर कलश मैं लाऊं,
नव ज्योति के दीप जलाऊं,
चरणों में नित शीश झुकाऊं,
भाव विभोर होके भक्ति में,
रोम रोम रम जाये मन मेरा गाये ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।।
अभयंकर शंकर अविनाशी, मैं तेरे दर्शन की अभिलाषी,
जन्मों की पूजा की प्यासी, मुझपे करना कृपा जरा सी,
तेरे सिवा मेरे प्राणों को और कोई ना भाये,
मन मेरा गाये ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,ॐ नमः शिवाय……..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile