महाकाल के भक्त स्वयं को उनका पुत्र मानते हैं, क्योंकि भोलेनाथ अपने भक्तों को स्नेह और संरक्षण प्रदान करते हैं जैसे एक पिता अपने संतान की रक्षा करता है। भगवान शिव की भक्ति में समर्पित हर व्यक्ति उनके परिवार का ही हिस्सा बन जाता है। भजन मैं बेटा हूँ महाकाल का इसी अद्भुत भाव को दर्शाता है, जहाँ एक भक्त गर्व से अपने महाकाल से जुड़ाव का अनुभव करता है। महाकाल के आशीर्वाद से हम हर परिस्थिति में अडिग और निर्भय रहते हैं। आइए, इस भजन को पढ़कर महाकाल के पुत्र होने का गौरव महसूस करें।
Main Beta Hu Mahakal Ka – Shiv Bhajan Lyrics
दीवाना हूँ महाकाल का,
उज्जैन के सरकार का।
भोले बाबा मेरे है,
मैं बेटा हूँ महाकाल का।
दीवाना हूँ महाकाल का,
उज्जैन के सरकार का।।
दरबार तेरे आऊंगा,
तेरी भक्ति में रंग जाऊंगा।
सब भक्तो के साथ मिलकर,
तेरी जय जयकार लगाऊंगा।
ना घेरा हो कोई काल का,
ना माया का ना जंजाल का।
भोले बाबा मेरे है,
मैं बेटा हूँ महाँकाल का।
दीवाना हूँ महाँकाल का,
उज्जैन के सरकार का।।
जब जब जपलु जय महाँकाल,
जीवन हो जाये खुशहाल।
कृपा करदो बस महाँकाल,
भगत तेरा हो जाये निहाल।
दुनिया के पालनहार का,
मेरे शम्भू दिन दयाल का।
भोले बाबा मेरे है,
मैं बेटा हूँ महाँकाल का।
दीवाना हूँ महाँकाल का,
उज्जैन के सरकार का।।
दुनिया से अब नही है नाता,
तू ही पिता मेरा तू ही माता।
मुझको नही अब कोई भाता,
भक्त तो महाँकाल गाता।
जग में मेरे मान का,
तू रखता ध्यान हि लाल का।
भोले बाबा मेरे है,
मैं बेटा हूँ महाँकाल का,
दीवाना हूँ महाँकाल का।
उज्जैन के सरकार का।।
दीवाना हूँ महाकाल का,
उज्जैन के सरकार का।
भोले बाबा मेरे है,
मैं बेटा हूँ महाकाल का।
दीवाना हूँ महाकाल का,
उज्जैन के सरकार का।।
महाकाल के भक्त उनके आशीर्वाद से सदा निर्भय और अडिग रहते हैं। जब हम स्वयं को महादेव के परिवार का हिस्सा मानते हैं, तो हमें हर कठिनाई से जूझने की शक्ति मिलती है। शिव जी की भक्ति हमें जीवन के हर संकट से उबारती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। यदि आप महादेव की महिमा को और अधिक गहराई से अनुभव करना चाहते हैं, तो बड़े ही दानी है मेरे भोलेनाथ, ओ भोलेनाथ जी तेरा द्वार बड़ा चंगा, मेरे भोले बाबा तुझसे मांगू मैं क्या, और शिव गौरां के मिलन का उत्सव मिलकर सब मना लो जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव भक्ति का आनंद लें। हर-हर महादेव! ????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile