हरिद्वार, जहाँ गंगा की पावन धारा शिवजी के चरणों का स्पर्श कर भक्तों का उद्धार करती है, हर शिवभक्त के हृदय में एक विशेष स्थान रखता है। मैं फिर से हरिद्वार में आ गया भजन इसी पवित्र भूमि की महिमा को दर्शाता है, जहाँ भोलेनाथ की कृपा हर ओर बरसती है। जब भी भक्त इस नगरी में आते हैं, तो उनकी आत्मा शिवमय हो जाती है। आइए, इस भजन को पढ़ें और हरिद्वार की दिव्यता में खो जाएं।
Mai Phir Se Haridvar Me Aa Gaya
तेरा जादू भोले बाबा,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से हरिद्वार में आ गया,
मैं फिर से हरिद्वार मे आ गया।1।
जब भी भोले बाबा मैं,
कभी उदास हो जाता हूँ,
तुझसे मिलने को बाबा,
दौड़ा दौड़ा आता हूँ,
संग लेकर भक्तो की टोली,
गाड़ी भर करके आ गया,
मैं फिर से हरिद्वार मे आ गया।2।
घर से मैं हरिद्वार तक,
हरिद्वार से नीलकंठ,
चैन नही आता है बाबा,
तेरे दर्शन करने तक,
रूप तेरा ये भोले बाबा,
इन नैनो को भा गया,
मैं फिर से हरिद्वार मे आ गया।3।
मैं आऊ हर बार जी,
संग लेकर परिवार जी,
कावड़ तेरी लाने को,
हर बार रहु तैयार जी,
मैं नाचू मस्ती में ऐसे,
जैसे सावन आ गया,
मैं फिर से हरिद्वार मे आ गया।4।
तेरा जादू भोले बाबा,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से हरिद्वार में आ गया,
मैं फिर से हरिद्वार मे आ गया।5।
हरिद्वार का पवित्र स्पर्श भक्तों के हृदय में शिव प्रेम को और गहरा कर देता है। भोलेनाथ की भक्ति में और अधिक डूबने के लिए हर हर महादेव की गूंज, महाकाल की महिमा अपार, भोलेनाथ की बारात और शिव शंभू मेरे मन बसे जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव आराधना का आनंद लें। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile