Mahakal Tere Darbar Me
महाकाल तेरे दरबार मे,
सर को झुकाने आ गए,
महाकाल तेरे चरणों में,
शिश नवाने आ गए….
जिसने ध्यान किया शम्भु का,
उसके खुल गए भाग,
मुँह मांगा वर पाया उसने,
बन गए सारे काम,
महाकाल तेरे दरबार में,
एक फूल चढ़ाने आ गए…..
द्वार खङा हूँ तेरे बाबा,
सुन लो मेरी पुकार,
आशाऐ तुझसे है बाबा,
विनय करो स्वीकार,
महाकाल तेरे दरबार में,
हम तुझको मनाने आ गए…..
इस दुनिया ने तड़पाया है,
हमको सुबहो शाम,
सांस सांस में जपते रहते,
शम्भू तेरा नाम,
महाकाल तेरे दरबार में,
हम दर्द बांटने आ गए,
महाकाल तेरे दरबार मे,
सर को झुकाने आ गए…..
डमडम डमडम बजेगा डमरू,
नाचेंगे हम आज,
हम भी रमा भभूत देह में,
बोले जय महाकाल,
बोले जय महाकाल,
बोले जय महाकाल जय श्री महाकाल,
महाकाल तेरे दरबार में,
हम पागल दीवाने आ गए,
महाकाल तेरे चरणों में,
शिश नवाने आ गए….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile