भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की महिमा अपरंपार है। उनके नाम का जाप करने मात्र से जीवन के सभी झंझट और मोह-माया के बंधन मिट जाते हैं। महाकाल नाम जपिये झूठा झमेला भजन हमें इसी सत्य का बोध कराता है कि शिव का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। आइए, इस भजन के भावों में डूबकर महाकाल की महिमा का गुणगान करें।
Mahakal Naam Japiye Jhutha jhamela Jhutha jhamela
महाकाल नाम जपिये,
झूठा झमेला झूठा झमेला।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
दोहा – तेरी मंजिल तो यही थी,
मगर जिंदगी गुजर गयी आते आते।
पर क्या पाया तूने इस ज़माने में,
तेरे अपनों ने ही आग लगा दी,
तुझे जाते जाते।।
इस काया का है भाग भाग,
बिन पाया नही जाता।
कर्म बिना नसीब,
तोड़ फल खाया नही जाता।
महाकाल नाम जपिये,
झूठा झमेला झूठा झमेला।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।
तू क्या लेके आया जगत में,
क्या लेके जायेगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
इस जगत सराए में,
मुसाफिर रहना दो दिन का।
क्यों व्यर्था करे गुमान,
मुरख इस धन और दौलत का।
ना ही भरोसा रे पल का,
यूँ ही मर जायेगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला,
तू क्या लेके आया जगत में।
क्या लेके जायेगा,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
राम नाम के आलसी,
और भोजन के होशियार।
तुलसी ऐसे जिव को,
बार बार धिक्कार।
राम नाम जपले रे बंदी,
यही साथ जायेगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।
तू क्या लेके आया जगत में,
क्या लेके जायेगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
दुःख में सुमिरन सब करे,
और सुख में करे ना कोय।
जो सुमिरन सुख में करे,
तो दुःख काहे का होय।
महाकाल नाम जपिए,
झूठा झमेला झूठा झमेला।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।
तू क्या लेके आया जगत में,
क्या लेके जायेगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
माया मरी ना मन मरा,
मर मर गया शरीर।
आशा तृष्णा ना मरी,
कह गए दास कबीर।
खाली हाथ आया रे बन्दे,
खाली हाथ जाएगा।
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।
तू क्या लेके आया जगत में,
क्या लेके जायेगा,
दो दिन की जिन्दगी है,
दो दिन का मेला।।
महाकाल का नाम जपने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं, क्योंकि वे ही सृष्टि के आधार और काल के स्वामी हैं। जो भी इस भजन को पढ़े या इसका स्मरण करे, उसे शिव कृपा अवश्य प्राप्त हो। अन्य भक्तिमय भजनों में, आप भोले के दरबार से खाली नहीं जाएंगे, उज्जैन का राजा महाकाल राजा, और भोलेनाथ है औघड़दानी बाबा डमरू वाले भजनों का भी पाठ करें और शिव भक्ति में लीन हों। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile