Mahakal Aarti
जय महाकाल राजा
जय महाकाल राजा, भोले जय गौरी नाथा,
तीर्थ अवन्ती विराजे, भक्तों की रखे लाजा…
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा कालों के महाकाल,
दक्षिणमुख में विराजे, मृत्युंजय महाकाल,
ॐ जय महाकाल राजा…..
तारक लिंग आकाश में पाताल हाटकेश्वरम,
भूलोक में विराजे, बाबा महाकालेशवरम,
ॐ जय महाकाल राजा…..
भस्म आरती बाबा,जग में है न्यारी,
त्रिगुणाकार छवि बाबा, भक्तों को लगे प्यारी,
ॐ जय महाकाल राजा…..
मंत्र तेरा पंचाक्षरी, ॐ नमः शिवाय,
जपते-जपते प्राणी के जन्म-मरण मिट जाये,
ॐ जय महाकाल राजा…..
शीश में चन्द्र विराजे और जटा में है गंगा,
करते नंदी सवारी, गले में भुजंगा,
ॐ जय महाकाल राजा…..
आरती बाबा महाकाल की, जो कोई गावे,
कहत सत्य श्री मुख से, सुख-संपति पावे,
ॐ जय महाकाल राजा…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile