Lagan Aai Hare Hare
लगन आई हरे हरे,
लगन आई मेरे अँगना,
भोले बाबा फूले ना समाये॥
नंदी सज गए श्रृंगी सज गए,
सज गई सगरी सारी बारात,
भोले बाबा ऐसे सज गये, तीन लोक में नायें,
लगन आई हरे हरे,
लगन आई मेरे अँगना,
भोले बाबा फूले ना समाये॥
ब्रह्मा सज गये विष्णु सज गये,
सज गई सगरी बारात,
नारायण तो ऐसे सज गये, हीरा सो मुकुट सजाये,
लगन आई हरे हरे,
लगन आई मेरे अँगना,
भोले बाबा फूले ना समाये॥
भूत पिसाच ऐसे नाचे, कर सोलह श्रृंगार,
संत भक्त सब जय जय बोले, गूंज उठा कैलाश,
लगन आई हरे हरे,
लगन आई मेरे अँगना,
भोले बाबा फूले ना समाये……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile