Kyo Bhul Gaye Bholenath
क्यों भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया,
प्रभु देख मेरे हालात,
ना छोड़ना मेरा साथ,
मुझे क्यों भुला दिया,
क्यो भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया।।
जीवन में मेरे बाबा,
तूफान सा आया है,
कल तक जो अपना था,
वो आज पराया है,
अब तू ही पकड़ना हाथ,
मेरे भूतो के हे नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया,
क्यो भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया।।
दुनिया ने भुलाया है,
रह रह के सताया है,
खुदगर्ज ज़माने में,
तुझे अपना पाया है,
अब हो गई कौन सी बात,
मेरा छोड़ दिया क्यों साथ,
मुझे क्यों भुला दिया,
क्यो भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया।।
कही गिर ना जाऊं मैं,
बाहों में जकड ले तू,
तेरे हर्ष का दीनानाथ,
अब हाथ पकड़ ले तू,
अब मेट दो काली रात,
बाबा समझ मेरे जज्बात,
मुझे क्यों भुला दिया,
क्यो भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया।
प्रभु देख मेरे हालात,
ना छोड़ना मेरा साथ,
मुझे क्यों भुला दिया,
क्यो भूल गए भोलेनाथ,
क्या भूल हुई है नाथ,
मुझे क्यों भुला दिया।।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile