Kailashvasi Ho Bam Bhola
कैलाशवासी हो बम भोला,
तुम अविनाशी हो बम भोला,
डमरू बजैया हो बम भोला,
जग के रचैया हो बम भोला।
दीनबंधु, करुणा सिंधु, कष्ट हर्ता हो तुम,
जब भी चमत्कार करते हो,
गागर में सागर भरते हो।
दीनबंधु, करुणा सिंधु, कष्ट हर्ता हो तुम,
तुम ही तो नाग माला वाले हो,
भक्तो के तुम रखवाले हो।
निर्बल को बल, प्यासे को जल,
देते तुम हो,
भोले…
हर भक्त को मनचाहा फल,
देते तुम हो,
भोले…
निर्धन को धन, सुख के रतन,
देते तुम हो,
भोले…
श्रद्धा भजन, सच्ची लगन,
देते तुम हो,
भोले….
करता धर्ता हो तुम,
सारे संसार के,
डमरू वाले भोलेनाथ।
कैलाशवासी हो बम भोला
तुम अविनाशी हो बम भोला
दीनबंधु, करुणा सिंधु, कष्ट हर्ता हो तुम
जब भी चमत्कार करते हो
गागर में सागर भरते हो।
चिंतामणि बन चिंता सभी की हर्ते,
तुम हो…
और हमे तो मजधार से भी करते,
तुम हो….
ये ही है कामना, हाथ ये थामना,
डमरू वाले भोलेनाथ।
कैलाशवासी हो बम भोला,
तुम अविनाशी हो बम भोला,
डमरू बजैया हो बम भोला,
जग के रचैया हो बम भोला।
दीनबंधु, करुणा सिंधु, कष्ट हर्ता हो तुम,
जब भी चमत्कार करते हो,
गागर में सागर भरते हो,
दीनबंधु, करुणा सिंधु, कष्ट हर्ता हो तुम।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile