Kailash Upar Damaru Bajave Bhole Nath
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
बजावे भोले नाथ , बजावे भोले नाथ
ऊँचे पर्वत डमरू बजावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
1 ) जब भोले का डमरू बाजे , शिव गण नाचे सारे
धरती और अंबर गूँजे , सब बोल रहे जयकारे
सुनलो नई-नई ताल , सुनावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
2 ) जल्दी प्रसन्न होने वाले , हैं भोले भंडारी
बजा बजा के डमरु काटे , इस जग की बीमारी
विष पी के संसार को , हर्षावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
3 ) शिव की माया ऐसी जिसको , कोई जान ना पाया
उसको भी अपना लेते ये , जो जग ने ठुकराया
भूलन से बालक को भी , अपना वे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile