कैलाश शिखर से उतर कर मेरे घर आए है भोले शंकर लिरिक्स

Kailash Shikhar Se Utar Kar Mere Ghar Aaye Hai Bhole Shakar Lyrics

कैलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,
आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,
मनभावन रूप ये धर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,
पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,
रिद्धि सिद्धि को साथ में ले कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

थाल तुम आरती का सजाओ सखी,
थाल तुम आरती का सजाओ सखी,
सभी मंगल गाओ मिल कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,
आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,
पाएंगे दर्शन जी भर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

कैलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर।।

जो भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ का स्मरण करते हैं, उनके जीवन में स्वयं शिव कैलाश से उतर कर आते हैं। “कैलाश शिखर से उतर कर मेरे घर आए हैं भोले शंकर” जैसे भावपूर्ण भजनों को जो मन से पढ़े, उसका जीवन शिवमय हो जाता है। आप अन्य भावविभोर करने वाले शिव भजनों जैसे “शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर”, “भोले तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए”, “महाकाल की शरण में”, और “जपले भोले का तू नाम बिगड़े बनते हैं सब काम” भी ज़रूर पढ़ें, और भोलेनाथ की कृपा को अपने जीवन में अनुभव करें। हर हर महादेव!









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