जोगी भेष धरकर नंदी पे चढ़कर एक बहुत ही सुंदर और भक्ति से ओत-प्रोत शिव भजन है, जो भगवान शिव के अद्वितीय रूप और उनकी महिमा को प्रस्तुत करता है। इस भजन में शिवजी के जोगी रूप का वर्णन किया गया है, जिसमें वे नंदी पर चढ़कर भक्तों के बीच आते हैं। यह भजन महाशिवरात्रि के महत्व को समझाता है और भगवान शिव की अनंत शक्तियों का गुणगान करता है।
Jogi Bhesh Dharkar Nandi Pe Chadhkar Shivratri Bhajan Lyrics
दोहा-
देखो देखो ये बाराती,
ये बारातियों का हाल,
बैल पर चढ़कर,
मेरे भोलेनाथ आए है,
अंधे काणे और लूले लंगड़े,
संग में बाराती लाए है।
जोगी भेष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है,
देख देख दूल्हा और बाराती,
देख देख दूल्हा और बाराती,
राजा हिमाचल मैना घबरा रहे है,
राजा हिमाचल मैना घबरा रहे है,
जोगी भेंष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है।।
देखकर के दूल्हा सखिया,
घबरा गई है,
दौड़ी दौड़ी गौरा के,
पास आ गई है,
बोली सखिया जाकर,
दुल्हा सौ बरस का,
मुंह से बाहर उसके,
दांत आ रहे है,
जोगी भेंष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है।।
माथे पे चंदा,
जटा में है गंगा,
भस्म रमाए भोला,
मस्त मलंगा,
भुत प्रेत सारे,
ढोलक बजाए,
शुक्र शनिचर,
नाच गा रहे है,
जोगी भेंष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है।।
हाथ जोड़कर के,
बोली गौरा प्यारी,
रूप दिखाओ असली,
भोले भंडारी,
सतरह बरस के,
बने भोले बाबा,
‘लोहिया’ कहे ये मेरे,
मन भा गए है,
जोगी भेंष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है।।
जोगी भेष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है,
देख देख दूल्हा और बाराती,
देख देख दूल्हा और बाराती,
राजा हिमाचल मैना घबरा रहे है,
राजा हिमाचल मैना घबरा रहे है,
जोगी भेंष धरकर,
नंदी पे चढ़कर,
गौरा को बिहाने,
भोलेनाथ आ गए है।।
“जोगी भेष धरकर नंदी पे चढ़कर” जैसे भजन भगवान शिव की महिमा और उनकी अपार कृपा को प्रकट करते हैं। शिवजी की उपासना हमें जीवन के हर पहलू में शांति और संतुलन लाने का अवसर देती है। भगवान शिव के अन्य भजनों जैसे “शिव तांडव स्त्रोत,” “ॐ नमः शिवाय,” और “महाकाल की आरती” को पढ़ने से हमारी भक्ति और श्रद्धा और भी गहरी होती है। शिवजी के भजनों को पढ़ना, हमें उनके दिव्य आशीर्वाद से अभिषिक्त करता है और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile