भगवान शिव और माँ पार्वती का प्रेम अद्भुत और अनंत है। जो माँ पार्वती को पसंद होता है भजन हमें इस दिव्य युगल के प्रेम, त्याग और भक्ति की गहराई को समझने का अवसर देता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं माता पार्वती हमें आशीर्वाद देकर शिवभक्ति का मार्ग दिखा रही हों।
Jo Maa Parvati Ko Pasand Hota Hai
दोहा –
बाबा बाबा सब कहे,
मैया कहे ना कोई,
मेरे बाबा के दरबार में,
मैया कहे सो होय।
भोले बाबा के दरबार में,
शिव शंकर के दरबार में,
वही होता है,
जो माँ पार्वती को पसंद होता है,
जो माँ अंबे गौरी को पसंद होता है,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय।1।
शिव शंकर रहते धूनी रमाय,
हरदम जग कल्याण में,
मैया सबकी बातों को,
रखती उनके ध्यान में,
मैया सब की हाजरी,
लगाती दरबार में,
भोलेनाथ को मनाती हर बात में,
मैया मन की पढ़ लेती,
मनचाहा है वर देती,
भोले का भी उसमें आशीर्वाद होता है,
जो मां पार्वती को पसंद होता हैं,
जो मां अंबे गौरी को पसंद होता हैं,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय।2।
महादेव की सेवा में माँ,
करती एक दिन रात है,
पार्वती के हृदय शिव,
शिव हृदय में मात है,
अर्धनारीश्वर रूप में,
सृष्टि का कल्याण है,
शिव शिवा ही इस जग में,
सत्य गुणों की खान है,
सबसे पहले पाता है,
जो मैया से कहता है,
बाबा का उसके सर पर ही हाथ होता है,
जो मां पार्वती को पसंद होता हैं,
जो मां अंबे गौरी को पसंद होता हैं,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय।3।
भोले बाबा के दरबार में,
शिव शंकर के दरबार में,
वही होता है,
जो मां पार्वती को पसंद होता है,
जो मां अंबे गौरी को पसंद होता है,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय,
तो बोलो ओम नमः शिवाय,
मेरी मैया पार लगाय।4।
माँ पार्वती का प्रेम और शिवजी की भक्ति साथ मिल जाए, तो जीवन धन्य हो जाता है। “जो माँ पार्वती को पसंद होता है” भजन की तरह “आए हैं सावन में शंकर माँ गौरा जी के साथ”, “भोले तेरी सूरत निराली”, “सावन का महीना शिव जी की पूजा” और “शिव शंभू जय शंकर” जैसे भजन भी हमें शिव-शक्ति की अनंत कृपा और उनके दिव्य प्रेम का अनुभव कराते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile