Janm Janm Ka Sath Hai
आप अमर हो, मैं मर जाती लेकर नाम तुम्हारा,
जन्म जन्म का साथ है हमारा और तुम्हारा॥
पहली बार मैं जन्मी दक्ष सुता कहलाए,
तुम्हें पाने की खातिर अपनी देह जलाई,
हवन कुंड में कूद पड़ी लेकर नाम तुम्हारा,
जन्म जन्म का साथ है हमारा और तुम्हारा॥
दूजी बार मैं जन्मी मेना माथ हमारी,
तुम्हें पाने की खातिर करी तपस्या भारी,
बेलपत्र खा खाकर मैंने बरसों किया गुजारा,
जन्म जन्म का साथ है हमारा और तुम्हारा॥
पिता हमारे बोले श्री हरि से मैं भ्याऊंगी,
मैं बोली ना ब्याह करूं चाहे कुंवारी मर जाऊंगी,
भोले बिन तो इस दुनिया में होगा नहीं गुजारा,
जन्म जन्म का साथ है हमारा और तुम्हारा॥
जब तक सूरज धरती अंबर चाँद सितारे,
तब तक भोले हम तो रहेंगे सदा तुम्हारे,
मिलो अगर ना इस जीवन में लेंगे जन्म दोबारा,
जन्म जन्म का साथ है हमारा और तुम्हारा॥

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile