Jai Jai Jai Tripurari
जयजय जय त्रिपुरारि
जय त्रिलोचन जय दुख मोचन जय हे मंगलकारी
जय जय जय त्रिपुरारि
मुक्ति प्रदायक सरल तरंगे शीश जटा में शोभित गांगे
अंग भभूत रमाये भोले
जय कैलशी अविनाशी
जय जय जय त्रिपुरारि
गले मे सोहे सर्पों की माला कटि दबाए मृगछाला
चन्द्रमा तोरा भाल सजाये
जय मृत्युजय विषधारी
जय जय जय त्रिपुरारि
कर मे तेरे त्रिशूल बिराजे दिम्ंग दिमग तेरा डमरू बाजे
संग में गौरा जी भी बिराजे
जय महाकाल पृलन्यकारि
जय जय जय त्रिपुरारि

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile