Jab Bhole Baba Ki Shadi Hui Thi
जब भोले बाबा की शादी हुई थी,
ढोल, नगाड़ा, शहनाई बजी थी,
जब भोले बाबा की शादी हुई थी,
ढोल, नगाड़ा, शहनाई बजी थी,
भोले आये भोले आये जोगी के भेस में,
हो भोले आये जोगी के भेस में॥
शिव आये ले अपनी बैल की सवारी,
जोगी का रूप लिए त्रिशूलधारी,
हो शिव आये ले अपनी बैल की सवारी,
जोगी का रूप लिए त्रिशूलधारी,
देवो ने कैसे कैसे रूप लिये,
केश किये लम्बे घने घने,
केश किये लम्बे घने घने,
राहु रोवे तो केतु हसावे,
हा राहु रोवे तो केतु हसावे,
धड़ना दिया भी उछल कूद जावे,
सब पहुंचे, सब पहुंचे प्रजापती के देस में,
हो सब पहुंचे प्रजापती के देस में।
देख रूप ये शिव का गौरा जी बोली,
छोड़ो महादेव ये आँख मिचोली,
हा देख रूप ये शिव का गौरा जी बोली,
छोड़ो महादेव ये आँख मिचोली,
अपने दर्श दिखाओ अपने रूप में आओ,
अपने रूप में आओ,
मैया के दर्शन जो देवो ने पाये,
मैया के दर्शन जो देवो ने पाये,
हाथो को जोड़ अपने रूप में आये,
शिव आये हा शम्भू आये दूल्हा के भेस में,
शिवरात्रि मनी पूरे देस में।
जब भोले बाबा की शादी हुई थी,
ढोल, नगाड़ा, शहनाई बजी थी,
भोले आये भोले आये जोगी के भेस में,
हो भोले आये जोगी के भेस में॥

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile