Inke Darshan Se Sukh Jita
इनके दर्शन से सुख जीता,
इनके दर्शन से दुःख हारा,
ऐसे हैं हमारे विश्वनाथ,
ऐसे हैं हमारे ओमकारा,
इनके दर्शन से सुख जीता,
इनके दर्शन से दुःख हारा।।
अपने माथे जो इनकी भभूति मले,
अपने माथे जो इनकी भभूति मले,
जोर ना उस पे किसका ना कोई चले,
अपने भक्तो की रक्षा में,
रहते हर वक़्त खड़े,
देवों में ये महादेव हैं,
देव हैं सबसे बड़े,
जो एक बार देखे इनको,
ॐ नमः शिवाय हो जाए सफ़ल जीवन सारा,
इनके दर्शन से सुख जीता,
इनके दर्शन से दुःख हारा……..
नीलकंठ बने विष का पान किया,
मरने वालों को जीवन का दान दिया,
द्रिष्टि डाली दया की तो,
सब पे उपकार किया,
तीसरा नेत्र खोला तो,
दैत्यों का संहार किया,
इनकी ही जटा से छनके,
ॐ नमः शिवाय बहती है गंगा की धारा,
इनके दर्शन से दुःख हारा,
इनके दर्शन से सुख जीता,
इनके दर्शन से दुःख हारा,
ऐसे हैं हमारे विश्वनाथ,
ऐसे हैं हमारे ओमकारा,
इनके दर्शन से सुख जीता,
इनके दर्शन से दुःख हारा………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile