इंदौर से चल कर आया हूँ मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए लिरिक्स

Indaur Se Chal Kar Aaya Hoon Mere Baba Tere Darshan Ke Liye Lyrics

इंदौर से चल कर आया हूँ,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
एक फूल गुलाब का लाया हूँ,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए।।

ना रोली मोली चावल है,
ना धन दौलत की थैली है,
ना धन दौलत की थैली है,
दो आंसू बचा कर लाया हूँ,
पूजा तेरी करने के लिए,
एक फूल गुलाब का लाया हूँ,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए।।

ना रंग महल की अभिलाषा,
ना इच्छा सोने चांदी की,
ना इच्छा सोने चांदी की,
तेरी दया की दौलत काफी है,
झोली मेरी भरने के लिए,
एक फूल गुलाब का लाया हूँ,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए।।

बाबा मेरी इच्छा नही,
अब यहां से वापस जाने की,
अब यहां से वापस जाने की,
चरणों में जगह दे दो थोड़ी,
मुझे जीवन भर रहने के लिए,
एक फूल गुलाब का लाया हूँ,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए।।

इंदौर से चल कर आया हूँ,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
एक फूल गुलाब का लाया हूँ,
चरणों में तेरे अर्पण के लिए।।

“इंदौर से चल कर आया हूँ मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए” भजन हमें यह सिखाता है कि जब हमारी आस्था और भक्ति सच्ची होती है, तो हम किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना कर सकते हैं, और शिवजी के दरबार में जाकर हमें शांति और सुख की प्राप्ति होती है। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह शिवजी की कृपा का पात्र बनता है। यदि यह भजन आपको प्रेरित करता है, तो आप “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी अवश्य पढ़ें। ये भजन आपके हृदय को और गहरे शिव भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करेंगे।


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