भोलेनाथ करुणा और दया के सागर हैं, जो अपने भक्तों के हर दुख को हर लेते हैं। हे दुख भंजन अलख निरंजन, कृपा करो सब पर भोलेनाथ भजन शिव जी की इसी अपार कृपा और दयालुता का गुणगान करता है। जब जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, तब महादेव ही हमें सहारा देते हैं और हमारे दुखों को हर लेते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि शिव जी की भक्ति से कोई भी कष्ट बड़ा नहीं होता, क्योंकि उनकी कृपा से हर बाधा मिट जाती है।
Hey Dukh Bhanjan Alakh Niranjan Kripa Karo Sab Par Bholenath
हे दुख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
हे त्रिलोचन संकटमोचन,
सुन लो हमारे मन की बात,
सुन लो हमारे मन की बात,
हे दुःख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ।1।
सागर मंथन में जब सबने,
अमृत को अपनाया,
विष को सबने छोड़ दिया पर,
तूने गले लगाया,
भोले तूने गले लगाया,
तेरा सुमिरण शुद्ध करे मन,
सुख की करो हम पर बरसात,
हे दुःख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ।2।
रौद्र रूप में गंगा आई,
बनकर संकट भारी,
तूने उन्हें जटा में बांधा,
बन गए गंगाधारी,
बन गए गंगाधारी,
मोह गया मन तेरा भोलापन,
रख दो हमारे सर पे हाथ,
हे दुःख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ।3।
महादेव कहते है जिसने,
मन से तुझे पुकारा,
पल में भोले तूने उसका,
बिगड़ा भाग्य संवारा,
भोले बिगड़ा भाग्य संवारा,
मन का आंगन हो जाए पावन,
तू जो रहे हर पल अपने साथ,
हे दुःख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ।4।
हे दुख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
हे त्रिलोचन संकटमोचन,
सुन लो हमारे मन की बात,
सुन लो हमारे मन की बात,
हे दुःख भंजन अलख निरंजन,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ,
कृपा करो सब पर भोलेनाथ।5।
हे दुख भंजन अलख निरंजन, कृपा करो सब पर भोलेनाथ भजन करने से हमें यह अनुभूति होती है कि शिव जी सच्चे प्रेम और श्रद्धा से की गई प्रार्थना को अवश्य सुनते हैं। उनकी कृपा से जीवन के सारे दुख और कष्ट समाप्त हो जाते हैं। अगर आपको यह भजन अच्छा लगा, तो शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, भोलेनाथ का दरबार, और महामृत्युंजय मंत्र भी करें। ये सभी भजन शिव जी की महिमा का अनुभव करने और उनकी भक्ति में लीन होने का सुंदर माध्यम हैं। 🚩✨

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile