भगवान शिव, जिन्हें भोलेनाथ, भंडारी और औघड़दानी कहा जाता है, वे अपने भक्तों पर सदा कृपा बरसाते हैं। उनका नाम जपने से मन को शांति और आत्मा को सुकून मिलता है। हे भोले बाबा, हे भंडारी, नाम जपूँ तेरा भजन में भक्त की अटूट श्रद्धा झलकती है, जहाँ वह शिव के नाम का संकीर्तन कर अपनी भक्ति अर्पित करता है। आइए इस भजन के माध्यम से शिवजी की महिमा का गुणगान करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।
Hey Bhole Baba Hey Bhandari Naam Japu Tera
हे भोले बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा,
डमरू वाला दीनदयाला,
डमरू वाला दीनदयाला,
ध्यान धरूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे ध्यान धरूँ तेरा,
हे भोलें बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा।1।
जीवन से तुम दुःख के कांटे,
शंकर अब मिटा दो,
मैं भी हंसना गाना चाहूँ,
सुख के फूल खिला दो,
हे महादेवा हाथ जोड़ के,
हे महादेवा हाथ जोड़ के,
वंदन करूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे वंदन करूँ तेरा,
हे भोलें बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा।2।
मारग से फिरूं भटका भटका,
राह सही दिखला दो,
रस्ता मुश्किल धुंधली मंजिल,
ज्ञान का दीप जला दो,
उमापति महाकाल महेश्वर,
उमापति महाकाल महेश्वर,
दास रहूं तेरा,
ओ शम्भू मेरे दास रहूं तेरा,
हे भोलें बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा।3।
जीवन का आधार तू ही है,
तू ही मेरा सहारा,
प्यारा लगता बाबा मुझको,
चौखट तेरा द्वारा,
गंगाधर मेरे शिव शंकर,
गंगाधर मेरे शिव शंकर,
बालक हूँ मैं तेरा,
ओ शम्भू मेरे बालक हूँ मैं तेरा,
हे भोलें बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा।4।
हे भोले बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा,
डमरू वाला दीनदयाला,
डमरू वाला दीनदयाला,
ध्यान धरूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे ध्यान धरूँ तेरा,
हे भोलें बाबा हे भंडारी,
नाम जपूँ तेरा,
ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा।5।
भोलेनाथ की भक्ति सच्चे हृदय से की जाए तो हर संकट टल जाता है और जीवन में आनंद की अनुभूति होती है। अगर यह भजन आपके मन को शिवमय बना रहा है, तो भोले के हाथों में है भक्तों की डोर, जिसकी लागी लगन भोलेनाथ से, हर घड़ी भोले दिल में रहा कीजिए और सच्चे मन से उन्हें पुकारो दौड़े आएंगे शिवनाथ जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव आराधना में लीन हो जाएं। हर हर महादेव! ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile