Har Har Shiv Shambhu Jay Jay Kedara
पद्मासन में ध्यान लगाए मौन है
वीराने में तपता योगी कौन है
मंद मंद मुस्कान लिए वह मौन है
ध्यान मग्न बैठा, युगों से कौन है
नाद न कोई तारा, डमरू कभी कभारा
अधमुंदी आँखों से, सब देख रहा संसारा
1 जो नाथों के नाथ कहाते, साधक बूटी बेल चढ़ाते
जातक झूम झूम के गाते ओंकारा
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा ॥
निराकार साकार वही है, सृष्टि का आधार वही है,
गूंजे रोम-रोम में जिसका जयकारा,
रोग दु:ख सब दूर करे जो, साधक को भरपूर करे जो
सब द्वारों का द्वार एक है, हरिद्वारा ॥
हर हर शिव शंभू ,जय जय केदारा,
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
3 हिमगिरी के सर्वोच्च शिखर पर, सागर , निर्झर से अम्बर तक ,
बैठा सबको देख रहा सिरजनहारा
कालों का महाकाल वही है, भक्तों का रखपाल वही है
तीनो लोक में जिसके नाम का विस्तारा ॥
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
ॐ नमः शिवाय

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile