Har Har Mahadev Shiv Shankar Tripurari
हर हर महादेव शिव शंकर त्रिपुरारी,
सागर तट पर पूजें, तुमको राम धनुर्धारी,
शंकर से संकट भागे, ओर शत्रुन छेकारी…..
माथे पे गंग तेरे, लिपटे भुजंग तेरे,
भभूति अंग तेरे सोहे, भूतन का संग तेरे,
पीने को भंग तेरे, भाल पे चंद्र मन मोहे,
जय जय शंकर त्रिपुरारी, जय जय शंकर त्रिपुरारी…..
भक्तों के काज सारे, असुरों को तू संघरे,
करते नंदी की सवारी, जग के संघार कर्ता,
डमरू त्रिशूल धर्ता, यश गाते वेदचारी,
हर हर महादेव शंकर त्रिपुरारी…..
गिरिजापति दीनदयाला, गणपति है तुम्हरे लाला,
पल में करते हो बोलबाला, पसुपति तू है रखवाला,
विश्वनाथ जय महाकाला, प्रभु संतन के हो प्रतिपाला,
जय जय शंकर त्रिपुरारी, जय जय शंकर त्रिपुरारी…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile