शिव और पार्वती का प्रेम अद्वितीय और अनुपम है। गौरा ने घोट कर पीस कर छान कर भजन शिव-पार्वती के दिव्य प्रेम और भक्ति को समर्पित है। यह भजन हमें माता गौरा की शिव भक्ति, उनकी तपस्या और समर्पण की महिमा से परिचित कराता है। आइए, इस भावपूर्ण भजन के माध्यम से गौरा और महादेव की लीला में डूब जाएँ और उनकी कृपा प्राप्त करें।
Gaura Ne Ghot kar Piskar Chhan kar Bhajan Lyrics
गौरा ने घोट कर,
पीस कर छान कर।
शिव को भंगिया पिलाई,
मजा आ गया।
छोड़ कैलाश को,
पहुंचे शमशान में।
गांजे की दम लगायी,
मजा आ गया।।
जब नशा भांग,
गांजे का चढ़ने लगा।
भोला नचने लगे,
डमरू बजने लगा।
जल चुकी थी चिताएं,
जो शमशान में।
उनकी भस्मी रमाई,
मजा आ गया।।
बदी फागुन चतुर्दश,
तिथी आई है।
शिव से गौरा मिलन,
की घड़ी आई है।
शिवजी दूल्हा बने,
गौरा दुल्हन बनी।
ऐसी शादी रचाई,
मजा आ गया।।
भोला धनवान है,
न तो कंगाल है।
शिव महादेव हैं,
शिव महाकाल है।
शिव के चरणों में हम,
आ गये हैं ‘पदम्’।
राह मुक्ति की पाई,
मजा आ गया।।
गौरा ने घोट कर,
पीस कर छान कर।
शिव को भंगिया पिलाई,
मजा आ गया।
छोड़ कैलाश को,
पहुंचे शमशान में।
गांजे की दम लगायी,
मजा आ गया।।
शिव और गौरा की महिमा अनंत है, और उनकी कथा हर भक्त को भक्ति और प्रेम से भर देती है। शिव कृपा पाने और उनकी लीलाओं को जानने के लिए शिव ने श्रृंगार किया है गौरा क्या बाकी, भोले शंकर हम भक्तों से करते कितना प्यार, जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा, और सदा साफ रखना तू बन्दे मन का शिवाला भजनों को भी अवश्य करें और शिव-पार्वती के प्रेम में लीन हो जाएँ। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile